संगम नगरी में महिला कावरियों का सैलाब

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प्रयागराज। भगवान शिव की आराधना के पवित्र माह श्रावण मास की शुरुआत गुरुवार 30 जुलाई से हो गई । पवित्र कांवड़ यात्रा भी शुरू हो चुकी है। शिव भक्तों में इस बार बड़ी संख्या में नारी शक्ति ने भी अपनी मौजूदगी अभी से दर्ज करानी शुरू कर दी है। प्रयागराज के किसानी टोला की रहने वाली 60 वर्षीया मीरा देवी अपने परिवार की सात महिला सदस्यों के साथ गंगा जी के दशाश्वमेध घाट से जल लेकर बैजनाथ धाम के लिए जा रही हैं। मीरा देवी का कहना है कि वह पिछले 5 वर्षों से कांवड़ यात्रा में जल लेकर जा रही हैं। योगी जी की सरकार आने के बाद अब लड़कियां और महिलाएं निर्भय होकर यात्रा पर निकल रही हैं। सरकार ने महिला कांवरियो के लिए चेंजिंग रूम और फीडिंग रूम बनाए हैं । घाटों में और मार्ग में महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी है। यही वजह है कि हर साल महिला कावरियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

इस बार कांवड़ लेकर चलने वाली शिव भक्त महिला कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने महिला शिव भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
प्रयागराज में दशाश्वमेध और संगम घाट से सबसे अधिक महिला कांवरियां जल लेकर काशी के लिए निकलती हैं। इसके लिए घाटों में चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं। महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती घाटों से लेकर कांवड़ मार्ग में जगह जगह की गई है। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित बनाने के साथ उनकी खानपान की पवित्रता को हर हाल बनाए रखने पर जोर दिया गया है। महिला कावरियों की सुरक्षा और सहूलियत प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रयागराज से वाराणसी के बीच 57 किमी लंबे मार्ग में एक हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं जिसमें महिला पुलिस की संख्या भी पर्याप्त है। आजीविका मिशन की 44 आपदा सखियां भी महिला कांवरियों की मदद के लिए मुस्तैद हैं।

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